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गणतंत्र दिवस पर हिन्दी राइटर्स गिल्ड की भारत के वीरों को सार्थक श्रद्धाँजलि

भारत के गणतंत्र दिवस, २६ जनवरी, २०१९ के अवसर पर भारतीय दूतावास, टोरोंटो द्वारा आयोजित कार्यक्रम में  हिन्दी राइटर्स गिल्ड की ओर से श्री विजय विक्रान्त और श्री विद्या भूषणधर ने भाग लिया और काउंसलाधीश श्री दिनेश भाटिया को जुलाई, २०१८ के कार्यक्रम "जम्मू कशमीर की एक रंग भरी शाम -भारत के वीरों के नाम" द्वारा एकत्रित ४००१ डॉलर की धनराशि  "भारत के वीर" संस्था के लिए प्रदान की।
१४ जुलाई, २०१८ को हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने चिन्मय वेदान्त हैरिटेज सैन्टर टोरोंटो में, भारत के वीरों की याद में कश्मीरी, डोगरी और बॉलीवुड के संगीत से सजी एक रंग भरी शाम का आयोजन किया और इस आयोजन से एकत्रित राशि को भारतीय अभिनेता अक्षय कुमार द्वारा निर्मित “भारत के वीर” संस्था को भेजने का निर्णय लिया।

इस विशेष कार्यक्रम के उल्लेखनीय अतिथियों में कैनेडा में बसे सेवानिवृत सैनिकों के सभापति ब्रिगेडियर नवाब सिंह, प्रसिद्ध चिन्तक और लेखक श्री तारेक फ़ताह, मेम्बर ऑफ़ प्रोविन्शियल पार्लियामेंट श्रीमती नीना टांगरी, उद्योगपति श्री नवल बजाज तथा अनेक सेवानिवृत सैनिक थे। भारतीय कांउसुलेट के श्री आर.ऐस. रावत ने मुख्य अतिथि का भार सँभाला था। हिन्दी राइटर्स गिल्ड के सदस्यों के साथ संस्था के सह-संस्थापक निर्देशक श्री सुमन कुमार घई और श्री विजय विक्रान्त ने २५० से भी अधिक संख्या में उपस्थित दर्शकों तथा प्रमुख अतिथियों का स्वागत जलपान और काश्मीरी ’ज़ायफ़्रानी केहवे’ से किया। 

वैदिक मन्त्रों के उच्चारण और दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात संचालन का भार स्वर्णा बक्शी सैनी ने सँभाला। भारत और कैनेडा के  राष्ट्रगीतों के बाद स्वर्णा ने कार्यक्रम और ’भारत के वीरों’  के लिये धन एकत्र करने की योजना से सब को अवगत कराया। तत्पश्चात सीमा पर तैनात वीरों के जीवन पर एक वृत्तचित्र / डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म दिखाई गई। इसके बाद जम्मू काश्मीर पर एक वृतचित्र ’व्हेयर टाइम स्टैंड स्टिल’ दिखाया गया जिस में काश्मीर की भव्य नदियाँ, शांत झीलें, उँचे पर्वत, रंग-बिरंगी घाटियाँ, गीत-गाते  हुये चश्मे और ऊँचाई से गिरते हुये झरने थे। इन दृश्यों को देख कर जहांगीर के शव्द “गर फ़िर्दौस, रूहे ज़मीं अस्त, हमीं अस्तो, हमीं अस्त” (यदि पृथ्वी पर कोई स्वर्ग है तो वो यहीं है, वो यहीं है, वो यहीं है) याद आ गए ।

संगीत के कार्यक्रम में श्री तेज रैना के संतूर वादन और तबले पर श्री मेहुल जोशी की संगत ने तो कमाल ही कर दिया था। सब ने संतूर पर बजाई हुई प्रस्तुति का बहुत आनन्द लिया।  इसके बाद भारत से इसी शाम के लिये आये हुये विशिष्ट गायक श्री संजीव गौतम रैना ने डोगरी में कुछ गाने प्रस्तुत किये। श्री गौतम रैना के साथ श्रीमती गीतांजली राज़दान ने पंजाबी गानों से सब को मंत्रमुग्ध कर दिया। कीबोर्ड पर इन दोनों का साथ कृष्णामूर्ति ने दिया। श्री कुलदीप सिंह और श्रीमती अनुराधा मौना ने भी डोगरी के अनेक भावों और अवसरों के गीत प्रस्तुत किए। उनकी डोगरी लोरी “तू माला तू, लोक पन्ने ठिकार्या” ने तो सब का दिल जीत लिया। दीपांशी राज़दान, रिदम लंगर, श्रीयांशी कानूनगो, वितस्ता धर और वामिका राज़दान के डोगरी और काश्मीरी लोकनृत्यों ने भी सब को मोहित कर लिया। कार्यक्रम की समाप्ति पर सभी कलाकारों और प्रायोजकों को मानपत्र दिये गये। इस रंग भरी शाम का समापन शाकाहारी भोजन के साथ हुआ। कार्यक्रम के व्यय को निकाल कर इस आयोजन से चार हज़ार डॉलर बचे।

भारत के ७०वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हिन्दी राइटर्स गिल्ड की ओर से श्री विजय विक्रान्त और श्री विद्याभूषण धर ने २६ जनवरी २०१९ को टोरोंटो स्थित भारतीय काउंसलावास में, चार हज़ार एक कैनेडियन डॉलर का चैक काउंसल जनरल श्री दिनेश भाटिया को भेंट किया। यह एक प्रशंसनीय और विशिष्ट बात है कि कैनेडा की एक  लाभ-निरपेक्ष, दानार्थी साहित्यिक संस्था ने भारत की एक दानार्थी संस्था के लिए धन एकत्र किया है। काउंसलावास में आये सभी लोगों का ध्यान मंच पर था जहाँ चैक भेंट करने की रस्म हो रही थी। श्री दिनेश भाटिया और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा भाटिया के साथ-साथ काउंसलेट में आये सैंकड़ों अतिथियों ने हिन्दी राइटर्स गिल्ड की इस भेंट को बहुत सराहा। इन अतिथियों में भारतीय सेना के बहुत से सेवानिवृत सैनिक भी थे। उनमें से अधिकांश सैनिक श्री विजय विक्रान्त और श्री विद्याभूषण धर से आत्मीयता से मिले और उनकी संस्था को ’भारत के वीर’ को इस तरह से याद करने पर बहुत-बहुत धन्यवाद दिया। 

टैग टी.वी. की श्रीमती हलिमा सादिया के सौजन्य से हिन्दी राइटर्स गिल्ड के इस ’भारत के वीर’ सहयोग को उनकी टी.वी. चैनल पर प्रसारित किया गया। श्री शैलेन्द्र मलिक जिन्होंने १४ जुलाई के आयोजन में बहुत मदद की थी, किसी कारण २६ जनवरी को नहीं आ सके। 

हिन्दी राइटर्स गिल्ड आगे आने वाले वर्षों में भी इसी प्रकार समाज और साहित्य सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रस्तुति - विजय विक्रान्त, विद्या भूषण धर
 

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