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अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मलेन भारत
जनवरी 2020

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अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मलेन भारत जनवरी 2020

इंद्रप्रस्थ कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के जनवरी ९-११, २०२० के अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में भाग लेने के लिए हिन्दी राइटर्स गिल्ड की सह संस्थापक निदेशिका डॉ. शैलजा सक्सेना को आमंत्रित किया। यह तीन दिन का कार्यक्रम देश-विदेश से आए प्राध्यापकों, प्राचार्यों, कुलपतियों, अनेक हिन्दी संस्थानों के मुख्य अधिकारियों और इंद्रप्रस्थ कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच संपन्न हुआ। इस सम्मेलन के अनेक सत्रों में हिन्दी प्रध्यापन के तरीकों से लेकर अनुवाद, हिन्दी भाषा के मानकीकरण से लेकर तकनीकी प्रयोगों, कथा साहित्य और कविताओं की नाटकीय प्रस्तुतियों आदि पर विचार विमर्श हुआ। डॉ. शैलजा सक्सेना ने ’कैनेडा में हिन्दी’ विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने कैनेडा में हिन्दी भाषा की स्थिति तथा साहित्य के बारे में विस्तार से बताया। इस सत्र में क्रोएशिया, अमेरिका और जापान के प्रतिनिधियों ने भी अपने देशों में हिन्दी भाषा और साहित्य के बारे में प्रस्तुतियाँ दीं। इस सत्र की अध्यक्षता जाने-माने साहित्यकार और अनेक देशों में हिन्दी का प्राध्यापन कर चुके डॉ. सुरेश ऋतुपर्ण जी ने की।
इस सम्मेलन में हिन्दी के वैश्विक पाठ्यक्रम और उसके लिए सहायक सामग्री जुटाने के लिए भी निर्णय लिए गए। हमें खुशी है कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन में हिन्दी राइटर्स गिल्ड कैनेडा को भाग लेने का अवसर मिला। इंद्रप्रस्थ कॉलेज का यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन डॉ. रेखा सेठी के अथक प्रयत्नों द्वारा सार्थक चर्चाओं, पुस्तक विमोचनों और नई योजनाओं के लिए याद किया जाएगा।
जनवरी १०-१२, २०२० को हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने दिल्ली के विशाल विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन आयोजित किया जिसमें हिन्दी राइटर्स गिल्ड कैनेडा की डॉ. शैलजा सक्सेना को ’मीडिया और हिन्दी भाषा’ पर पत्र प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया। विज्ञान भवन में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के अनेक सत्रों में बड़े सरकारी अधिकारियों से लेकर प्रतिष्ठित साहित्यकार और मीडिया की प्रसिद्ध हस्तियों ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों में हिन्दी की स्थिति और विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चाएँ हुईं। डॉ. शैलजा सक्सेना ने विज्ञान भवन के सुन्दर हॉल में लगभग ३ हज़ार विद्यार्थियों/ श्रोताओं को संबोधित करते हुए आज के समय में ब्लॉग, यू ट्यूब, ई पुस्तकें और ई पत्रिकाओं के माध्यम से हिन्दी के प्रसार की स्थिति को बताया और विद्यार्थियों को अपने फ़ोन से पॉड कास्ट, ब्लॉग आदि देवनागरी लिपि में ही लिखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि रोमन में हिन्दी लिखने से हिन्दी का भला नहीं होगा अत: देवनागरी का ’की बोर्ड’ का प्रयोग करते हुए हमें देवनागरी में ही लिखना चाहिए। हिन्दी का ऐसा उच्चस्तरीय, स्मरणीय कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय के किसी कॉलेज ने अभी तक आयोजि्त नहीं किया था। यह प्रसन्नता की बात है कि हंसराज कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रमा द्वारा आयोजित ऐसे अप्रतिम कार्यक्रम में हिन्दी राइटर्स गिल्ड कैनेडा को भाग लेने का अवसर मिला।

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