hindiwg@gmail.com
side-design

डॉ. शैलजा सक्सेना

side-design
intro-image

डॉ. शैलजा सक्सेना

1. नाम : शैलजा सक्सेना

2. शिक्षा : एम ए, (हिंदी), एम फिल, पी.एच.डी. ( दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली), मानव संसाधन डिप्लोमा (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट) (मैक मास्टर यूनिवर्सिटी, हैमिल्टन, कनाडा)

3. उपलब्धियाँ: विश्वरंग २०२० में ’कैनेडा विश्वरंग’ कार्यक्रम का अयोजन, जिसमें १० सत्रों के द्वारा कैनेडा के साहित्य और कार्यों की प्रस्तुति॥ नवम्बर,२०२० में ’कैनेडा पद्य संकलन- सपनों का आकाश”(४१ कवियों की रचनाएँ), “कैनेडा गद्य संकलन- संभावनाओं की धरती’(२१ लेखकों की रचनाएँ) का प्रकाशन ॥

काउंसलेट ऑफ इंडिया ऑफिस तथा अन्य हिन्दी की साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मान, टोरोंटो की संस्था “डांसिग डैमसैल्स” के माध्यम से प्राविंशियल सरकार द्वारा “वूमैन अचीवर अवार्ड-२०१८” की प्राप्ति

4. प्रकाशित कृतियाँ, वर्ष एवं प्रकाशक:

पुस्तकें –

1. क्या तुम को भी ऐसा लगा? (काव्य संग्रह), २०१४, हिन्दी राइटर्स गिल्ड, कनाडा से प्रकाशित, २०१४ द्वितीय संस्करण, अयन प्रकाशन, भारत

2. संग्रहों में प्रकाशित रचनायें:

“अष्टाक्षर” (१९९२, काव्य-संग्रह) में आठ कवितायें, “काव्योत्पल” (२००९) (कविता-संग्रह) में कवितायें, “हाशिये उलांघती औरत: प्रवासी” २०१३ कहानी-संग्रह (रमणिका फाउंडेशन, दिल्ली) में कहानी, “इतर” कहानी-संग्रह (२०१५, नेशनल बुक ट्रस्ट) में कहानी तथा अन्य संग्रहों में कहानियाँ;

वैश्विक रचनाकार: कुछ मूलभूत जिज्ञासायें- भाग २(२०१७) में “साक्षात्कार” प्रकाशित

3. महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय, वर्धा और ज्ञानपीठ से प्रकाशित ”विश्व में हिन्दी” पुस्तक में “ कनाडा में हिन्दी” लेख

4. दिल्ली विश्वदिद्यालय की ई-लर्निंग साइट (ILL) पर निर्मल वर्मा के “अंतिम अरण्य” लेख

5. प्राक्कथन:

“निर्मल भाव”- काव्य-संग्रह (निर्मल सिद्धू), “कही-अनकही”-काव्य-संग्रह (आशा बर्मन)“अमृत”- उपन्यास (जसबीर कालरवि), “मृगतृष्णा”- काव्य-संग्रह (भगवतशरण श्रीवास्तव), “भावनाओं के भँवर से” –काव्य-संग्रह (सविता अग्रवाल), “अम्बर बाँचे पाँती”-हाइकू-संग्रह (कृष्णा वर्मा)

6. अनेक पत्रिकाओं तथा वेब पत्रिकाओं में समीक्षायें, साहित्यिक निबंध तथा रचनायें प्रकाशित (सारिका, पाँचजन्य, शोध दिशा, क्षितिज, अनभै साँचा, गर्भनाल, साहित्यकुंज, रचना समय, दस्तक, अनुभूति-हिन्दी.ओर्ग, अभिव्यक्ति-हिन्दी.ओर्ग आदि)

7. संपादन- “काव्योत्पल”- २००९ सह-संपादन- हिन्दी साहित्य सभा, साहित्यकुंज.नेट- वेब पत्रिका साहित्यिक परामर्श दाता, ३-विशेषांक संपादन

8. प्रकाशनाधीन: “अंत से पहले अनंत गाथा: भीष्म” (खंड काव्य), कहानी संकलन

9. नाटक निर्देशन: अंधायुग, रश्मिरथी, मित्रो मरजानी, संत सूरदास-जीवन, संत जनाबाई

10. अभिनय: अंधायुग में गांधारी, अपनी-अपनी पसंद में माँ, उनकी चिठ्ठियाँ (तुम्हारी अमृता का संक्षिप्त रूप), आई एम स्टिल मी, उधार का सुख

11. मेंटल और इमोशनल हैल्थ अवेयरनैस थ्रू आर्ट रेनैंसा (MEHAR) संस्था के साथ नाटक द्वारा डिप्रैशन आदि बीमारियों के बारे में प्रस्तुति

12. अंतरर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रस्तुति” २०१४ और २०१५ में न्यूयार्क और न्यू जर्सी के “अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन” में कनाडा का प्रतिनिधित्व तथा “कनाडा में हिन्दी साहित्य”; “कनाडा में नाटक लेखन और प्रस्तुति” पर पत्र प्रस्तुति तथा कविता और कहानी सभा में प्रस्तुति; इंद्रप्रस्थ कॉलेज, हंसराज कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय-जनवरी २०२० में पत्र प्रस्तुति

13. संप्रति: स्वतंत्र लेखन, “हिन्दी राइटर्स गिल्ड” की सह-संस्थापक निदेशिका; हिन्दी साहित्य सभा की आजीवन सदस्या और भूतपूर्व उपाध्यक्षा

निवास: (२२८८, डेलरिज ड्राइव, ओकविल, कनाडा- एल ६ एम, ३ एल ५) 2288, Dale Ridge Dr. Oakville, Ontario-L6M 3L5

E-mail:shailjasaksena@gmail.com Phone no. 1-905-847-8663

intro-box

प्रकाशित पुस्तकें

activity-cricle
We'll never share your email with anyone else.