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माँ भारती
कविता महायज्ञ

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माँ भारती कविता महायज्ञ में हिन्दी राइटर्स गिल्ड की आहुति

माँ भारती कविता महायज्ञ - एक ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय अबाध हिन्दी कविता पाठ। ‘मैजिक मैन एन चन्द्रा’ फेसबुक पेज एवं यू ट्यूब चैनल द्धारा दिनांक सितम्बर 1, 2021 प्रातः १० बजे से 14 सितम्बर 2021, हिन्दी दिवस तक ऐतिहासिक अविस्मरणीय अनवरत अबाध हिन्दी कविता पाठ " माँ भारती कविता महायज्ञ" का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार डॉ.हरीश नवल जी कर रहे हैं।
इस कविता महायज्ञ के आयोजन में विश्व के लगभग 24-25 देशों व भारत के प्रसिद्ध साहित्यकारों द्वारा अबाध अनवरत धारा प्रवाह जीवंत कविता पाठ लगातार चौदह दिनों तक सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है । यह विश्व में किसी भी भाषा में किया गया प्रथम आयोजन है, जिसको विश्व कीर्तिमान के रूप में ‘वर्ल्ड बुक ऑफ़ रेकार्ड्’ में दर्ज़ किया जाएगा। इसके लिए वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकार्ड्स, लंदन, यू. के. से आधिकारिक प्रयास के लिए अनुमति प्राप्त हो चुकी है।
मित्रों, यह समूह एक बहुत ही विशेष उद्देश्य से बनाया है। भारत से एक हिन्दी प्रेमी सितम्बर 1 से 14 तक लगातार 24 घण्टे चलने वाला अखंड काव्य पाठ करके 'गिनीज़ बुक' में हिन्दी का नाम दर्ज कराना चाहते हैं। इसमें उन्होंने हम से सहायता माँगी। उन्होंने 6-6 घण्टे के चार समूह प्रतिदिन के लिए बनाए हैं जिसमें से हम उनकी सहायता भारत के रात्रि वाले समय में करेंगे, यानी अपनी दोपहर से शाम तक के बीच हम लोग उनके फेसबुक मंच पर कविता पाठ करेंगे। हर कवि को 20 मिनट से लेकर 30 मिनट तक का समय कविता पढ़ने के लिए दिया गया । हम लोग यह तय किया कि हम लोग 31 अगस्त, सितम्बर 1, 2, 3, और 5 को चार-चार घण्टे कैनेडा के कवि काव्य पाठ प्रस्तुत करेंगे। यह काव्य पाठ दोपहर 2:30 से 8:30 के बीच हुआ। हर दिन हमारे आठ रचनाकारों ने कविता पाठ किया। इस तरह हर कवि को इस महायज्ञ में भाग लेने का अवसर मिला। यह कार्यक्रम हिन्दी राइटर्स गिल्ड के पेज, ग्रुप और यू ट्यूब पर भी साँझा किया गया । हम जानते हैं कि यह बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है सभी सदस्यों ने सानंद तथा अत्यंत उत्साह सहित काव्य के इस महायज्ञ में आहुति प्रदान की । हर कवि को अपनी रचनाएँ सुनाने के लिए अच्छा समय भी मिला ।
31 अगस्त की शाम को 4.45 बजे (कैनेडा का समय ) हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने अत्यंत भव्यता के साथ इस महायज्ञ में अपनी आहुति देने का शुभ कार्य आरंभ किया।आज के इस पुनीत कार्यक्रम में भाग लेने वाले कवि कवियत्रियों के नाम इस प्रकार हैं,
डॉक्टर शैलजा सक्सेना, श्रीमती पूनम चंद्र मनु, श्रीमती आशा बर्मन, श्रीमती कृष्णा वर्मा श्रीमती सविता अग्रवाल, श्री विजय विक्रांत, डाक्टर रेणुका शर्मा तथा श्री कृष्णकांत द्विवेदी।
आशा बर्मन जी ने अपनी कविता की इन पंक्तियों से अपना काव्य पाठ आरंभ किया,
काव्य के इस महायज्ञ में अपनी रचनायें लायी हूँ,
माँ भारती के चरणों में समिधा चढ़ाने आई हूँ।
देश विदेश के सभी कवि कवयित्रियाँ,
नवरस का करते संचार,
प्रिय श्रोताजन प्रसाद स्वरूप
यह उपहार, करें स्वीकार ।
आज 8 कवियों ने दो सत्रों में जो काव्य पाठ प्रस्तुत किया, इसमें दो संचालक थे। पहले सत्र में कृष्णा वर्मा जी और दूसरे सत्र में संचालन किया आशा बर्मन जी ने।
पहले दिन का कार्यक्रम अत्यंत कुशलतापूर्वक समयानुसार संपन्न हुआ। पूरे विश्व से सैंकड़ों लोग फेसबुक तथा यूट्यूब के माध्यम से जुड़े तथा उन्होंने अपने विचार फेसबुक में साँझा किये और सभी वक्ताओं के उत्साह को बढ़ाया।
अगले दिन 1 सितंबर को शाम को 4.45 बजे (कैनेडा का समय ) पुनः इसी प्रकार कनाडा के अन्य आठ कवि कवयित्रियों ने काव्य पाठ किया और सारे विश्व में हिन्दी काव्य की रसधार प्रवाहित की। जिन कवि कवयित्रियों ने इस दिन भाग लिया उनके नाम इस प्रकार हैं, पहले सत्र में श्रीमती भुवनेश्वरी पांडे, श्रीमती प्रमिला भार्गव, श्रीमती प्रीति अग्रवाल तथा डॉ उषा रानी बंसल । इस सत्र का सुचारु संचालन किया श्रीमती प्रीति अग्रवाल ने।
दूसरे सत्र का संचालन किया श्रीमती लता पांडे ने और इनके साथ रचनायें पढ़ी, डॉक्टर जगमोहन हूमर जी ,श्री अमरेंद्र कुमार, श्री संदीप कुमार तथा लता पांडे जी ने । इस दिन भी अत्यंत सफलतापूर्वक काव्य पाठ संपन्न हुआ और सारे विश्व से लोगों ने इसका अभिनंदन किया।
अगले दिन 3 सितंबर को शाम को 4.45 बजे (कैनेडा का समय ) पुनः इसी प्रकार कनाडा के अन्य आठ कवि कवयित्रियों ने काव्य पाठ किया और सारे विश्व में अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया । जिन कवि कवयित्रियों ने इस दिन भाग लिया उनके नाम इस प्रकार हैं, पहले सत्र में श्रीमती स्नेह सिंघवी, श्री भगवत शरण श्रीवास्तव 'शरण', आचार्य संदीप त्यागी तथा सुमन घई जी। इस सत्र में आचार्य संदीप त्यागी जी ने सस्वर रचनापाठ द्वारा सबका मन मोह लिया। इस सत्र का सुचारु संचालन किया सुमन घई जी ने।
दूसरे सत्र का संचालन किया डॉ. एन के ग्रोवर ने और इनके साथ रचनायें पढ़ी, डॉक्टर जगमोहन हूमर जी ,श्री पंकज शर्मा, श्री राज महेश्वरी तथा समीर लाल 'समीर'जी ने। 'समीर' जी की कवितायें सरल ,सहज होते हुए भी नवीन भावों से युक्त थीं ,अतः विशेष रूप से सराही गयीं। इस दिन भी अत्यंत सफलतापूर्वक काव्य पाठ संपन्न हुआ और सारे विश्व से लोगों ने इसका अभिनंदन किया।
4 सितंबर को शाम को 4.45 बजे (कैनेडा का समय ) पुनः इसी प्रकार कनाडा के अन्य आठ कवि कवयित्रियों ने काव्य पाठ किया । जिन कवि कवयित्रियों ने इस दिन भाग लिया उनके नाम इस प्रकार हैं, पहले सत्र में श्रीमती मधु भार्गव, श्रीमती इंदिरा वर्मा/रोमिला वर्मा, श्रीमती डॉ.कनिका वर्मा तथा श्रीमती मानोशी चैटर्जी जी।मानोशी जी ने सस्वर काव्य पाठ द्वारा सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस सत्र का सुचारु संचालन किया आशा बर्मन ने।
दूसरे सत्र का संचालन किया विद्या भूषण धर ने और इनके साथ रचनायें पढ़ी, श्रीमती रश्मि नीरज वाष्णेय, श्रीमती सीमा बागला, तथा श्रीमती अम्बिका शर्माजी ने । इस दिन भी अत्यंत सफलतापूर्वक काव्य पाठ संपन्न हुआ और सारे विश्व से लोगों ने इसका अभिनंदन किया।
रविवार 6 सितंबर को शाम को 4.00 बजे (कैनेडा का समय ) पुनः इसी प्रकार कनाडा के अन्य 5 कवि कवयित्रियों ने काव्य पाठ किया और सारे विश्व में हिन्दी काव्य की रसधार प्रवाहित की। जिन कवि कवयित्रियों ने इस दिन भाग लिया उनके नाम इस प्रकार हैं, श्रीमती बंदिता सिन्हा, श्रीमती पूनम कासलीवाल ,श्री भारतेंदु श्रीवास्तव, श्री योगेश ममगाईं तथा इस सत्र का संचालन कुशलतापूर्वक किया सतीश सेठी ने।
इस प्रकार कैनेडा के ३७ कवियों ने अपने काव्यपाठ द्वारा प्रवासी हिन्दी साहित्य में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
आप निम्नांकित लिंक पर विस्तार से इस काव्य पाठ का आनंद ले सकते हैं।
इस कार्यक्रम का वीडियो देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें: Click here
रिपोर्ट प्रस्तुति : आशा बर्मन

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