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वीना गोखले का कहानी पाठ
2014

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हिन्दी राइटर्स गिल्ड के मंच पर वीना गोखले का कहानी-पाठ

हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने 9 मार्च को अपनी मासिक गोष्ठी में मोंट्रेयाल (कैनेडा) की लेखिका और स्वतंत्र पत्रकार वीना गोखले को उनकी कहानियों की पुस्तक "बॉम्बे वाली" से कथा पाठ के लिए आमन्त्रित किया।
कार्यक्रम का आरम्भ सुमन कुमार घई ने सभी के स्वागत के साथ किया और कैनेडा की लेखिका मीना चोपड़ा को वीना गोखले का संक्षिप्त परिचय देने के लिए आमंत्रित किया। मीना चोपड़ा ने वीना गोखले का परिचय देने के पश्चात उन्हें कहानी पाठ के लिए आमंत्रित किया। वीना अंग्रेज़ी में लिखती हैं परन्तु उन्होंने खेद प्रकट किया कि हिन्दी भाषी होने के बावजूद वह भाषा से दूर हो चुकी हैं। साथ ही उन्होंने वापस हिन्दी की ओर लौटने की इच्छा भी प्रकट की। वीना गोखले ने बताया कि उनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ है परन्तु वह पली-बढ़ी मध्यप्रदेश में हैं इसलिए हिन्दी से उनका लगाव स्वाभाविक है।
पत्रकारिता के अध्ययन का समय उन्होंने मुंबई में बिताया है और अब वह फ्रैंच भाषा की बहुलता वाले प्रांत क्युबेक के मोंट्रेयाल शहर में रह रही हैं। यह विविध अनुभवों की अभिव्यक्ति की इच्छा को व अपने लेखन की प्रेरणा मानती हैं।
वीना गोखले की इस पुस्तक की कहानियों की पृष्ठभूमि १९८० के दशक की मुंबई है। उन्होंने अपनी दो कहानियों के अंशों का पाठ किया और श्रोताओं को प्रश्नों के लिए आमंत्रित किया। पहली कहानी उन्होंने "रेवरीज़ ऑफ़ अ रॉयट" चुनी। यह कहानी दंगे से प्रभावित नायिका के आंतरिक ऊहापोह से संबंधित थी। दूसरी कहानी "मुन्नी" उनके भोगे यथार्थ पर आधारित थी। एक घरेलू नौकरानी का शाब्दिक चित्र उकरते हुए कहानी लेखिका ने संवेदनशीलता से इस छोटी आयु की नौकरानी कि अभिलाषाओं को बहुत सुंदरता से चित्रित किया।
कहानी पाठ के बाद श्रोताओं ने एक के बाद एक प्रश्न पूछते हुए अपने विचार भी प्रकट किए। इस सत्र की मध्यस्थता सुमन कुमार घई ने की। लेखिका वीना गोखले ने प्रश्नों से प्रसन्न होते हुए कहा कि ऐसा फोरम उन्हें अभी तक देखने को नहीं मिला है। इसके साथ कथा वाचन और प्रश्नोत्तर सत्र समाप्त हुआ।
अल्पाहार के पश्चात् गोष्ठी पुनः आरम्भ हुई। सुमन कुमार घई ने इसे आरम्भ करते हुए कहानी लेखन प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए उपस्थित जनों को एक अच्छी कहानी की अनिवार्यताओं से परिचित करवाया। उन्होंने कहा कि अगली बार जब भी आपको कोई कहानी अच्छी लगे तो एक बार रुक कर उस कहानी में यह अनिवार्यताएँ पहचानने का प्रयास करें तो आपको यह अवश्य मिलेंगी। और इस प्रक्रिया का अनुपालन करने से नए लेखकों के लेखन में सुधार स्वतः आरम्भ हो जाएगा। तत्पश्चात् उपस्थित लोगों को आमंत्रित किया गया कि वह अपनी प्रिय कहानी के बारे में बताएँ कि उन्हें वह कहानी क्यों अच्छी लगी। श्रोताओं में भारी उत्साह था। एक के बाद एक श्रोता उठे और स्वयं का परिचय देते हुए उन्होंने अपनी-अपनी प्रिय कहानी की बात की। कार्यक्रम इतना रोचक हो गया कि समय का पता ही नहीं चला और पाँच बजे तक चलने वाली गोष्ठी साढ़े पाँच बजे विसर्जित करनी पड़ी।
डॉ. शैलजा सक्सेना ने हिन्दी राइटर्स गिल्ड के २२ मार्च को होने वाले होली उत्सव के बारे में सूचना दी। उन्होंने बताया कि इस बार वैष्णोदेवी मंदिर, ओकविल (ओंटेरियो, कैनेडा) हमें इस कार्यक्रम को अपने सभागार में मनाने के लिए आमंत्रित कर रहा है। कार्यक्रम निशुल्क है क्योंकि सारा व्यय भार मंदिर उठा रहा है। यह कार्यक्रम बच्चों की विभिन्‍न कलाओं के प्रदर्शन पर केन्द्रित है और पहली कैनेडा की कोई साहित्यिक संस्था महिला आश्रालय के लिए इस कार्यक्रम द्वारा दानार्थ सामग्री इकट्ठी कर रही है।

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