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योगेश ममगाईं

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योगेश ममगाईं

जन्म : आशा बर्मन का जन्म कलकत्ता, बंगाल में हुआ।

शिक्षा एवं लेखन : बचपन में आशाजी को हिन्दी साहित्य के प्रति प्रेम तथा कविता लिखने की प्रेरणा अपने पिताजी से मिली। आशा जी के पिताजी एक व्यस्त व्यवसायी होते हुये भी हिन्दी साहित्य के मर्मज्ञ तथा कवि थे। आशाजी का बचपन कोलकाता में ही बीता और उन्होंने बी.ए.(आनर्स) भी वहीं से किया। इनका हिन्दी भाषा पर अच्छा अधिकार है और अपने विद्यार्थी जीवन से ही कविता लिखती रहीं हैं।

रचना कर्म : अपने पति, श्री अरुण बर्मन, के साथ कनाडा में बस जाने को बाद कुछ समय के लिए काव्य-सृजन रुक सा गया था, परंतु पति की प्रेरणा से ही अब पुन: तीव्रगति से काव्य-सृजन रत हैं। कविता के अतिरिक्त कुछेक गीत, संस्मरण तथा नाटक भी लिखे हैं। इसके अतिरिक्त हिंदी की कुछ लघुकथाओं का बांग्ला में अनुवाद भी किया है | आजकल हिंदी राइटर्स गिल्ड के 'फेसबुक लाइव 'कार्यक्रमों में भी सक्रिय हैं।

प्रकाशन :आशा बर्मन की रचनायें कनाडा की हिन्दी लिट्ररेरी सोसाइटी की पत्रिका ’हिन्दी संवाद’ और अमरीका की अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति की पत्रिका ’विश्वा’, कनाडा की हिन्दी प्रचारिणी सभा की पत्रिका ’हिन्दी चेतना’ तथा अन्य पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। इसके अतिरिक्त आपकी कविताएँ ’कनेडियन हिन्दी काव्य-धारा’, ’काव्य किंजल्क’ तथा ’प्रवासी काव्य’ पुस्तकों में भी प्रकाशित हुई हैं। इनकी रचनायें ‘हिन्दी राइटर्स गिल्ड’ द्वारा प्रकाशित 'सपनों का आकाश ' तथा 'संम्भावनाओं की धरती' में भी संकलित हैं ।।

" कही अनकही" काव्य संकलन

‘हिन्दी राइटर्स गिल्ड’ द्वारा २०११ में आशा बर्मन की पुस्तक ‘कही –अनकही’ प्रकाशित हुई। डॉक्टर श्रीमती शैलजा सक्सेना के अनुसार, ‘आशाजी की कवितायें स्वानुभूत सत्य से प्रेरित कवितायें हैं। हर कविता सहज है, प्रवाहपूर्ण है और पाठक से बतियाती है। इनकी कविताओं, गीतों का उद्देश्य अपनी ऐसी निजी अनुभूतियों को प्रस्तुत करना है जो शेष सब से भी तादात्म्य स्थापित कर सके। ‘

उपलब्धियाँ

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